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उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन

दीर्घकालिक पूंजी सहायता

लंबे विकास समय वाले चुने गए डीप-टेक नवाचारों के लिए दीर्घकालिक सहायता।

नीति की सहायता

नीति के अनुसार मंजूरी मिलने पर चयनित स्टार्टअप को अधिकतम ₹40 करोड़

लागू नीति के प्रावधान, प्रमाण और मंजूरी के अधीन।

कौन आवेदन कर सकता है?

  1. प्रस्ताव का चयन नवरत्न इनक्यूबेटर करे और उसके मेजबान संस्थान के निदेशक की संस्तुति हो।
  2. प्रति वित्त वर्ष अधिकतम चार चयनित स्टार्टअप; कुल वार्षिक प्रावधान की सीमा ₹100 करोड़ है।
  3. नीति के अनुसार विस्तार, विनिर्माण और आगे के अनुसंधान का अधिकांश कार्य उत्तर प्रदेश में रखना होगा।

कौन-से दस्तावेज़ लगेंगे?

  1. मान्यता और स्टार्टअप प्रोफाइल
  2. तकनीकी प्रस्ताव तथा अनुसंधान या खर्च के प्रमाण
  3. कार्यक्रम में जरूरी संस्तुतियाँ और अधिकृत स्वीकृतियाँ

आवेदन के कदम

  1. पूरी नीति और लागू दिशानिर्देश पढ़ें।
  2. संबंधित कार्यक्रम के प्रमाण और प्रस्ताव तैयार करें।
  3. अधिकृत प्रक्रिया से आवेदन करें और माँगे गए स्पष्टीकरण का जवाब दें।

जाँच और मंजूरी का रास्ता

  1. नवरत्न इनक्यूबेटर द्वारा चयन
  2. मेजबान संस्थान के निदेशक की संस्तुति
  3. PIU की संस्तुति
  4. अधिकार प्राप्त समिति में विचार
  5. मंत्रिमंडल की मंजूरी

निरीक्षण की आवश्यकता

सत्यापन और निरीक्षण संबंधित कार्यक्रम तथा सक्षम प्राधिकारी के निर्देशों के अनुसार होंगे। सभी आवेदनों में एक जैसा अनिवार्य दौरा नहीं है।

सामान्य प्रश्न

क्या यह जानकारी सहायता की मंजूरी है?

नहीं। सक्षम प्राधिकारी पात्रता, दस्तावेज़ और लागू शर्तों की जाँच के बाद निर्णय लेता है।

पूरी शर्तें कहाँ देखें?

आवेदन से पहले नीचे दी गई अधिसूचित नीति और कार्यक्रम के दिशानिर्देश पढ़ें।

जानकारी की जाँच: 29 अक्तू॰ 2026

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