फ्लोर एरिया
शैक्षणिक संस्थानों के लिए 10,000 वर्ग फुट तथा वाणिज्यिक परिसर में संचालित इनक्यूबेटर के लिए 5,000 वर्ग फुट।
इनक्यूबेटर का कार्यक्षेत्र, सुविधाएँ, स्थान और प्रकाशित संपर्क देखें। किसी स्टार्टअप का इनक्यूबेशन और संस्थान की अपनी मान्यता या प्रोत्साहन का आवेदन अलग प्रक्रियाएँ हैं।
सफल पंजीकरण के उपरांत आवेदक पोर्टल पर उपलब्ध "इनक्यूबेशन हेतु आवेदन करें" टैब पर क्लिक कर सकता है।
जिस इनक्यूबेटर में आवेदन करना चाहते हैं, उसकी सूची में से चयन करें।
प्रत्येक स्टार्टअप आवेदन के समय न्यूनतम 3 इनक्यूबेटर का चयन कर सकता है। हालांकि, यदि कोई इनक्यूबेटर अनुरोध स्वीकार कर लेता है, तो अन्य आवेदन स्वतः निरस्त हो जाएंगे।
उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति के अंतर्गत मान्यता प्राप्त करने के इच्छुक मेजबान संस्थानों को निम्नलिखित मानदंडों को पूरा करना होगा:
शैक्षणिक संस्थानों के लिए 10,000 वर्ग फुट तथा वाणिज्यिक परिसर में संचालित इनक्यूबेटर के लिए 5,000 वर्ग फुट।
इनक्यूबेटर में नियमित संचालन के लिए एक समर्पित इनक्यूबेशन प्रबंधक तथा सहयोग हेतु कम से कम 2 अन्य टीम सदस्य नियुक्त होना आवश्यक है।
इनक्यूबेटर में प्रति सीट न्यूनतम 100 वर्ग फुट का सह-कार्यस्थल उपलब्ध होना चाहिए।
स्टार्टअप द्वारा ग्राहकों के साथ बैठक हेतु समर्पित बैठक कक्ष उपलब्ध होने चाहिए।
स्टार्टअप संस्थापकों के लिए लघु कार्यक्रमों अथवा मेंटरिंग सत्रों के आयोजन हेतु सम्मेलन कक्ष भी उपलब्ध होना चाहिए।
इनक्यूबेशन केंद्र में कार्यरत अथवा आगंतुक स्टार्टअप प्रतिनिधियों के लिए अल्पाहार क्षेत्र की व्यवस्था होनी चाहिए।
भौतिक अवसंरचना के अतिरिक्त, इनक्यूबेटर को इनक्यूबेशन सेवाएँ प्रदान करने तथा स्टार्टअप एवं अन्य हितधारकों के साथ डिजिटल माध्यम से जुड़ने के लिए डिजिटल अवसंरचना भी स्थापित करनी होगी।
सभी उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त इनक्यूबेटरों को स्टार्टअप नोडल एजेंसी/PIU द्वारा निर्धारित प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (KPIs) के अनुरूप, जहाँ संभव हो, स्टार्ट-इन-यूपी पोर्टल (Start-In-UP Portal) के साथ API एकीकरण के माध्यम से डिजिटल प्रारूप में जानकारी उपलब्ध करानी होगी।
इनक्यूबेटर की जानकारी देखें या सहायता केंद्र से मार्गदर्शन लें।
ये लिंक अलग सरकारी सेवाएँ और पोर्टल खोलते हैं।