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यूपी स्टार्टअप मिशन · इनक्यूबेशन

इनक्यूबेशन प्रक्रिया

आवेदन से पहले सही संस्थान चुनें

इनक्यूबेटर का कार्यक्षेत्र, सुविधाएँ, स्थान और प्रकाशित संपर्क देखें। किसी स्टार्टअप का इनक्यूबेशन और संस्थान की अपनी मान्यता या प्रोत्साहन का आवेदन अलग प्रक्रियाएँ हैं।

स्टार्टअप के लिए

स्टार्टअप आवेदन प्रक्रिया

  1. चरण 01

    पंजीकरण के बाद

    सफल पंजीकरण के उपरांत आवेदक पोर्टल पर उपलब्ध "इनक्यूबेशन हेतु आवेदन करें" टैब पर क्लिक कर सकता है।

  2. चरण 02

    इनक्यूबेटर चुनें

    जिस इनक्यूबेटर में आवेदन करना चाहते हैं, उसकी सूची में से चयन करें।

  3. चरण 03

    इनक्यूबेटरों का चयन

    प्रत्येक स्टार्टअप आवेदन के समय न्यूनतम 3 इनक्यूबेटर का चयन कर सकता है। हालांकि, यदि कोई इनक्यूबेटर अनुरोध स्वीकार कर लेता है, तो अन्य आवेदन स्वतः निरस्त हो जाएंगे।

मेजबान संस्थानों के लिए

इनक्यूबेटर की परिभाषा

उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति के अंतर्गत मान्यता प्राप्त करने के इच्छुक मेजबान संस्थानों को निम्नलिखित मानदंडों को पूरा करना होगा:

फ्लोर एरिया

शैक्षणिक संस्थानों के लिए 10,000 वर्ग फुट तथा वाणिज्यिक परिसर में संचालित इनक्यूबेटर के लिए 5,000 वर्ग फुट।

समर्पित इनक्यूबेशन टीम

इनक्यूबेटर में नियमित संचालन के लिए एक समर्पित इनक्यूबेशन प्रबंधक तथा सहयोग हेतु कम से कम 2 अन्य टीम सदस्य नियुक्त होना आवश्यक है।

सह-कार्यस्थल

इनक्यूबेटर में प्रति सीट न्यूनतम 100 वर्ग फुट का सह-कार्यस्थल उपलब्ध होना चाहिए।

बैठक कक्ष

स्टार्टअप द्वारा ग्राहकों के साथ बैठक हेतु समर्पित बैठक कक्ष उपलब्ध होने चाहिए।

सम्मेलन कक्ष

स्टार्टअप संस्थापकों के लिए लघु कार्यक्रमों अथवा मेंटरिंग सत्रों के आयोजन हेतु सम्मेलन कक्ष भी उपलब्ध होना चाहिए।

कैफेटेरिया/अल्पाहार क्षेत्र

इनक्यूबेशन केंद्र में कार्यरत अथवा आगंतुक स्टार्टअप प्रतिनिधियों के लिए अल्पाहार क्षेत्र की व्यवस्था होनी चाहिए।

सेवाएँ एवं रिपोर्टिंग

डिजिटल अवसंरचना एवं प्रदर्शन रिपोर्टिंग

डिजिटल इनक्यूबेशन सेवाएँ

भौतिक अवसंरचना के अतिरिक्त, इनक्यूबेटर को इनक्यूबेशन सेवाएँ प्रदान करने तथा स्टार्टअप एवं अन्य हितधारकों के साथ डिजिटल माध्यम से जुड़ने के लिए डिजिटल अवसंरचना भी स्थापित करनी होगी।

प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों की रिपोर्टिंग

सभी उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त इनक्यूबेटरों को स्टार्टअप नोडल एजेंसी/PIU द्वारा निर्धारित प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (KPIs) के अनुरूप, जहाँ संभव हो, स्टार्ट-इन-यूपी पोर्टल (Start-In-UP Portal) के साथ API एकीकरण के माध्यम से डिजिटल प्रारूप में जानकारी उपलब्ध करानी होगी।

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संबंधित दिशानिर्देश एवं सहायता

अगले कदम के लिए सहायता चाहिए?

इनक्यूबेटर की जानकारी देखें या सहायता केंद्र से मार्गदर्शन लें।

हेल्पडेस्क
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