पंजीकरण
कंपनी अधिनियम, 2013 में परिभाषित प्राइवेट लिमिटेड कंपनी; अथवा
उत्तर प्रदेश सरकार आगामी समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं उद्यमिता के महत्व को समझते हुए, राज्य की प्रमुख योजना “Start in UP” के अंतर्गत FIRST IIT कानपुर को कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं नवाचार-प्रेरित उद्यमिता CoE स्थापित करने का दायित्व सौंप रही है, जिसे नोएडा में FICCI के आधिकारिक साझेदार के रूप में स्थापित किया जाएगा। यह CoE विशिष्ट क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा तथा राज्य के विभिन्न क्षेत्रों, जैसे AI, ICT, IoT, साइबर, ऑगमेंटेड रियलिटी आदि में कार्यरत स्टार्टअप को स्थापित करने, इनक्यूबेट करने एवं उनके विकास में तेजी लाने में सहायता करेगा।

DPIIT एवं Startup India पोर्टल पर पंजीकृत स्टार्टअप।
नवीन AI/ML-आधारित उत्पाद एवं सेवाएँ विकसित करने वाले स्टार्टअप।
मौजूदा उत्पादों एवं सेवाओं में AI को एकीकृत करने की योजना बनाने वाले स्टार्टअप।
स्टार्टअप का निगमन निम्नलिखित रूप में होना चाहिए:
कंपनी अधिनियम, 2013 में परिभाषित प्राइवेट लिमिटेड कंपनी; अथवा
भारतीय साझेदारी अधिनियम, 1932 की धारा 59 के अंतर्गत पंजीकृत साझेदारी फर्म; अथवा
सीमित देयता भागीदारी अधिनियम, 2008 के अंतर्गत सीमित देयता भागीदारी (LLP)
पंजीकरण/निगमन की तिथि 10 वर्ष से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए।
किसी मौजूदा व्यवसाय को विभाजित करके या उसका पुनर्गठन करके कोई इकाई गठित नहीं की जानी चाहिए। नवाचार एवं मापनीयता को सक्षम करने वाली इकाई को नवाचार, विकास या उत्पादों, प्रक्रियाओं, सेवाओं में सुधार की दिशा में कार्य करना चाहिए अथवा उच्च रोजगार सृजन या संपत्ति सृजन की क्षमता वाला मापनीय व्यवसाय मॉडल होना चाहिए।
स्टार्टअप से निम्नलिखित क्षेत्रों में समस्याओं के समाधान की अपेक्षा की जाती है:
प्रत्येक वर्ष 50 स्टार्टअप का चयन दो बैच में किया जाएगा। पहला बैच अक्टूबर से मार्च तथा दूसरा बैच अप्रैल से सितंबर तक शुरू होगा।
प्रत्येक चयनित स्टार्टअप को 6 महीने तक प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन सहायता प्रदान की जाएगी। इसके बाद उन्हें निवेशकों एवं VC के समक्ष अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा।
ये लिंक अलग सरकारी सेवाएँ और पोर्टल खोलते हैं।