दूरसंचार (5G/6G) CoE, IIT रुड़की
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परिचय
IIT रुड़की द्वारा 5G/6G प्रौद्योगिकी पर CoE की रूपरेखा
सर्वव्यापी वायरलेस संचार में CoE
यह परिवर्तनकारी पहल IIT रुड़की (सहारनपुर परिसर) द्वारा दूरसंचार क्षेत्र के अग्रणी संस्थान टेलीकम्युनिकेशन्स कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड (TCIL) तथा भारत सरकार के दूरसंचार विभाग जैसे सरकारी निकायों के सहयोग से स्थापित की जा रही है। यह CoE 5G/6G वायरलेस प्रौद्योगिकियों में प्रगति को गति देगा तथा अनुसंधान, नवाचार एवं उद्यमिता के लिए एक सशक्त पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करेगा।
प्रमुख उद्देश्य
इंडिया के भारत 6G विज़न के अनुरूप अगली पीढ़ी के वायरलेस संचार प्रौद्योगिकियों का विकास करना।
मजबूत अवसंरचना एवं मार्गदर्शन के माध्यम से 5G/6G प्रौद्योगिकियों में स्टार्टअप एवं नवाचार को बढ़ावा देना।
दूरसंचार प्रणालियों के विकास एवं क्षमता निर्माण में कौशल को बढ़ावा देना।
5G/6G समाधानों के स्वदेशी विकास को सुगम बनाकर “मेक-इन-इंडिया” मिशन का समर्थन करना।
अवसंरचना एवं सहायता
अत्याधुनिक सुविधाएँ
वायरलेस संचार, कम्प्यूटेशनल डिजाइन एवं इंटेलिजेंट सेंसिंग के लिए प्रयोगशालाओं सहित 15,000 वर्ग फुट का क्षेत्र, जिसमें Massive MIMO टेस्टबेड, mmWave मॉड्यूल एवं बीमफॉर्मिंग उपकरण सहित उन्नत उपकरण उपलब्ध हैं।
परीक्षण एवं प्रोटोटाइप विकास
Sub-THz कैरेक्टराइजेशन सुविधाएँ, AI/ML प्लेटफॉर्म एवं IoT सेंसर किट, जो स्टार्टअप को अत्याधुनिक समाधानों के विकास एवं सत्यापन में सहायता प्रदान करते हैं।
स्टार्टअप सहायता
CoE 100 से अधिक AI एवं दूरसंचार स्टार्टअप को सहायता प्रदान करेगा, जिससे उत्पाद विकास एवं वैश्विक बाजार में प्रवेश के लिए मंच उपलब्ध होगा।
उद्योग संपर्क
उद्योग जगत के अग्रणी संस्थानों एवं International Telecommunication Union (ITU) जैसे वैश्विक संगठनों के साथ साझेदारी।
प्रमुख विशेषताएँ
प्रौद्योगिकी विकास: 5G/6G उपयोग के मामलों, वाहन संचार, AI/ML आधारित वायरलेस प्रणालियों तथा RF एवं THz सर्किट के चिप डिजाइन पर अनुसंधान।
क्षमता निर्माण: दूरसंचार एवं डिजिटलीकरण के क्षेत्र में कुशल जनशक्ति तैयार करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम।
ज्ञान आधार: शैक्षणिक एवं औद्योगिक ज्ञान को आगे बढ़ाने के लिए प्रकाशन, पेटेंट एवं प्रौद्योगिकी हस्तांतरण।
वैश्विक मानकों का अनुपालन: भारतीय नवाचारों को वैश्विक बाजारों तक पहुँचाने के लिए मानकीकरण में सहायता।
प्रभाव एवं परिणाम
अत्याधुनिक सुविधाओं एवं मार्गदर्शन तक पहुँच के साथ एक सशक्त स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र की स्थापना।
THz संचार, UAV-आधारित प्रणालियों एवं AI-सक्षम नेटवर्क जैसे 5G से आगे की प्रौद्योगिकियों में नवाचार को बढ़ावा देना।
वायरलेस संचार के क्षेत्र में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं पेशेवरों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम।
TCIL जैसे भागीदारों के साथ 80 से अधिक देशों में भारतीय दूरसंचार स्टार्टअप को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सहायता।
Sub-THz कैरेक्टराइजेशन सुविधाओं (₹650 लाख) एवं Massive MIMO टेस्टबेड (₹200 लाख) जैसे तकनीकी उपकरणों में निवेश।
नेतृत्व एवं विशेषज्ञता
CoE को प्रोफेसरों एवं उद्योग विशेषज्ञों की एक प्रतिष्ठित टीम का मार्गदर्शन प्राप्त है, जो इसकी रणनीतिक दिशा एवं परिचालन उत्कृष्टता सुनिश्चित करती है।
IIT रुड़की में यह CoE भारत को 5G/6G प्रौद्योगिकियों में अग्रणी बनाने, नवाचार को बढ़ावा देने तथा देश के डिजिटल परिवर्तन में योगदान देने की दिशा में कार्य करता है।
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